कोविड-19:भदोही के अधिकारियों की लापरवाही उजागर!

0
78
अशफ़ाक़ यू ख़ान
भारत में जब कोरोना वायरस ने दस्तक भी नहीं दी थी और चीन में यह वायरस हाहाकार मचा रहा था तभी चीन से लौटे उत्तर प्रदेश में भदोही के आठ मेडिकल छात्रों ने जनवरी में यहाँ अपने घर पहुंच कर जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग को इस महामारी का भयावह रूप बता कर सचेत कर दिया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बताया की महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल में तैनात फार्मेसिस्ट उदय नारायण वर्मा के दो बेटे अजीत वर्मा और आदित्य वर्मा और वार्ड ब्याव राम दरश यादव के बेटे प्रांजल यादव के साथ विकास मिश्रा आलोक उपाध्याय अनूप कुमार पांडेय सोहैल इम्तियाज़ सुरेश दूबे सभी चीन के अलग अलग शहरों में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए थे। इनके यहाँ आने की खबर मिलते ही विश्व स्वास्थ्य संघठन डब्लूएचओ के भदोही में तैनात अधिकारी पंकज तिवारी ने सभी का अस्पताल में विवरण लिया और गाइडलाइन के अनुसार सभी को चौदह दिनों तक होम क्वारंटीन कर दिया इस दौरान हर दिन इनकी जांच डब्लूएचओ की निगरानी में स्वास्थ्य विभाग करता था। इनमे एक अजीत कुमार वर्मा साल 2015 से चीन में रहकर गुइझोऊ मेडिकल विश्व विद्यालय से एम् बी बी एस करने के बाद इंटर्नशिप की तैयारी में थे। अजीत वर्मा ने आज बात करते हुए बताया की दिसंबर में इस वायरस ने पूरे चीन में हड़कंप मचा दिया जिस पर चीन की सरकार ने 20 जनवरी को सभी जगह सीज़ करते हुए कहा की 25 जनवरी से लॉकडाउन घोषित कर दिया जाएगा ऐसे में जिसे भी कही जाना . आना हो वह जा सकता है यह रुक सकता है। कोरोना वायरस की भयावहता देख हम आठ लोगों ने 20  जनवरी को चीन अलग अलग शहरों को  छोड़ कर 25 जनवरी को  भारत आये और  भदोही अपने घर पहुंच गए पर आश्चर्य तब हुआ जब दिल्ली कोलकाता और वाराणसी  एयरपोर्ट पर कोई थर्मल स्क्रीनिंग या अन्य कोई जांच नहीं हुई हालाँकि हम सभी लोगों की वहां पूरी जांच की जा चुकी थी। उस वक़्त तक भारत में एक भो कोरोना संक्रमित नहीं हुआ था। अजीत के मुताबिक यहाँ पहले कोरोना सक्रमित चीन से लौटी एक प्रीती नाम की शिक्षिका के बारे में जानकारी मिली तो हम सभी साथियों ने भदोही के स्वास्थ्य विभाग से मिलकर इससे बचने को जो उपाय चीन में जारी था उसे अमल में लाने बात कही थी और खुद भी हम लोगों ने अपने प्रयास से लोगों को जागरूक किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी लक्ष्मी सिंह ने बताया मुंबई गुजरात और दिल्ली से आने वालों को अस्थाई शेल्टर होम में रखने पर मध्य अप्रैल में एक प्रवासी मज़दूर कोरोना पॉजि़टिव मिला इसके बाद से यहाँ कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या एक चिकित्सा अधिकारी सहित तीन स्वाथ्य विभाग कर्मी के साथ शनिवार तक  84 पहुंच गई है। जिले में तीन की मौत होने के बाद रिपोर्ट पॉजि़टिव आई है जबकि  सात अन्य कोरोना संदिग्ध मौत के सेम्पल भेजे गए है इनकी रिपोर्ट आनी शेष है। वही आठ लोग स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज किये जा चुके है। जिला प्रशासन के एक उच्च अधिकारी ने  बताया वर्तमान में 50 हज़ार से ज़्यादा प्रवासी भदोही आ गए है जिन्हे शेल्टर होम या होम क्वारटाइन किया गया है । हर दिन सौ से दो सौ के बीच स्वैब जांच को भेजे जा रहे है। सीएमओ के मुताबिक इन 84 संक्रमितों में 70 से अधिक  मुंबई से लौटे है और लौटने वालों का क्रम लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश के सबसे छोटे जिले में शुमार भदोही से अब तक सिर्फ 2200 लोगों की जांच को सेम्पल भेजे जा सके है जिसमे से 600 की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। वहीँ कई  गाँव को हॉटस्पॉट घोषित कर दिया गया है।  चीन में कोरोना वायरस की शुरुआत से इसके हाहाकारी रूप को एक माह तक देख लौटे इन सभी मेडिकल के छात्रों का कहना है की हम लोगों ने पूरे विस्तार से इसकी जानकारी और बचाव को लेकर चीन द्वारा किये जा रहे कामो पर चर्चा करके इसे आगे बताने का आग्रह किया था पर उस वक़्त इसे यहाँ गंभीरता से नहीं लिया गया सरकारी फार्मेसिस्ट के लड़के अजीत वर्मा का कहना है की अभी भी यहाँ के कई छात्र मौजूद है जिनसे संपर्क होता है अब वहां सब कुछ खुल चुका है। अजीत के मुताबिक जब यह महामारी चीन में बढ़ी तभी से वहां इसकी दवा या वैक्सीन बनाने को लेकर गंभीर विचार शुरू हो चूका था। भदोही जिले हालात पर अजीत वर्मा का मानना है की हर तरफ  लापरवाही है और यह भारी साबित होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारी पंकज तिवारी का मानना है की जिला प्रशासन डब्लूएचओ की गाइडलाइन के अनुसार काम कर रहा है इसे और बेहतर किया जा सकता है। जिला प्रशासन की चिंता यह है की यहाँ कोरोना का फैलाव गाँव में तेज़ी से बढ़ा है इस चेन को तोडऩे की हर संभव कोशिश हो रही है। स्वाथ्य विभाग और प्रशासन को आठों छात्र अब हर तरह से इसे रोकने में सहायक बने हुए है। अजीत वर्मा के मुताबिक हम लोगों ने पहले खुद के प्रयास से गाँव .गाँव जाकर लोगों को हर एक घंटे पर गर्म पानी पीने के लिए एक अभियान चलाया लेकिन गाँव में बाहर से आ रहे प्रवासी की थर्मल स्क्रीनिंग तक नहीं से होने अब हम लोगों ने सोशल मिडिया के ज़रिये अब इस तरह से लोगों को दूरी बना कर रहने और गर्म पानी पीने को कह रहे है। उनके मुताबिक चीन में कोरोना मरीज़ों का इलाज करने वाले डाक्टर सहित स्टाफ एक विशेष तरह की लिक्विड को मुंह में स्प्रे करने के बाद मरीज़ों के पास जाते थे जो वहां सिर्फ सरकार द्वारा उपलब्ध होती है।  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here